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कैंसर के कारण ओर इलाज

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कैंसर के कारण ओर इलाज  कैंसर का नाम सुनते ही एक डर से लगने लगता है यह एक बहुत ही खतरनाक, खर्चीली ओर दर्दभरी बीमारी है जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है कैंसर भयानक बीमारी हैं विज्ञान कहता है अगर इसके बारे में शुरू मे ही पता चल जाए तो इसके पहले या दूसरे स्टेज में ही इस कैंसर का खात्मा किया जा सकता है कैंसर ऐसा रोग है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है चाहे वो बच्चा या गर्भवती महिला ही क्यो न हो  कैंसर किन किन कारणों से होता है इसके अलग-अलग कारण बताए जाते हैं जो कि निम्न है 1. बीड़ी सिगरेट मास तंबाकू गुटखा पान मसाला इत्यादि के सेवन से 2.कल कारखानो से निकले धुंए ओर अपशिष्ट से हुए वायु ओर जल प्रदूषण से 3.मानव जीवन की दिनचर्या में परिवर्तन से 4.फसलों में कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से 5.शराब पीना भी कैंसर का एक बहुत बड़ा कारण है । विश्व मे कैंसर को रोकने के प्रयास सन 1933 में पहली बार स्विट्जरलैंड के जिनेवा में First Time विश्व कैंसर दिवस { world Cancer Day } मनाया गया था । तब से हर वर्ष 4 फरवरी के दिन कैंसर के बारे में लोगो मे जागरूकता बढ़ाने ओर लोगों को शिक्षित ...

गुरु बिन मोक्ष नही

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गुरु बिन मोक्ष नही वर्तमान समय में जिसे पूछो वही कहता है गुरु बिना मुक्ति नहीं लेकिन पूरे विश्व में बहुत सारे  गुरु है आखिर किसे गुरु बनाया जाए  जो हमारा गारंटी के साथ मोक्ष कर सके भगवान की भक्ति तो सभी किसी न किसी रूप में करते ही है पर भक्ति करने के लिए भी गुरु का होना अनिवार्य माना जाता है ओर कविर दास जी की वाणी भी है कबीर, गुरु बिन माला फेरते गुरु बिन देते दान । गुरु बिन दोनों निष्फल है चाहे पूछो वेद पुराण।। जैसा कि वाणी पढ़ने से ही स्पष्ट है गुरु के बिना माला फेरो चाहे दान दो दोनों ही निष्फल है उनका कोई लाभ नही। मोक्ष पाने के लिए ये तो पता चल गया कि गुरु होना अनिवार्य है गुरु भी पूरा होना चाहिए लेकिन पूरे संसार मे कितने ही गुरु है किसे सही मोक्षदाता माने? कोई अपने नाम के आगे सद्गुरु लगाता है कोई म्हरिषी कोई महामंडलेश्वर आदि आदि लेकिन पूर्ण गुरु या सद्गुरु को  शास्त्रों में  बताए गए प्रमाणों से ही पहचाना जा सकता है कैसे पहचाने सद्गुरु को?🤔 हमारे पवित्र सद्ग्रन्थ गीता जी के अध्याय 15 श्लोक 1 से 4 में तत्वदर्शी संत की पहचान बताइ है और बताया है कि जो तत...

शराब का प्रभाव

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आओ जाने शराब हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करती है ?👇 शराब मानव जीवन बर्बाद करती है। इस बारे में परमात्मा कबीर साहेब जी कहते हैं- भांग तम्बाकू छोतरा, आफू और शराब गरीबदास कौन करे बंदगी, ये तो करें खराब। शराब भक्ति का नाश करती है। इसे त्यागने में ही भलाई है। क्या करती है शराब? 🍻 शराब गृह क्लेश को जन्म देती है व आर्थिक, शारीरिक, सामाजिक बदहाली अपने साथ लेकर आती है। इससे दूरी रखना ही समझदारी है। क्या बनाता है शराब का नशा 🍺 नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश हृदय है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। शराब पीने की सबसे बड़ी हानि 🍷शराब में ऐसा नशा है जो अनमोल मानव जीवन को बर्बाद कर देती है। सद्भगति में ऐसा नशा है जो मर्यादा में रहकर की जाए तो जीवन को आबाद कर देती है। फैसला आपको करना है। कैसे छोड़े शराब के नशे की लत को  यदि आप 🍾शराब की लत नहीं छोड़ पा रहे हैं और नशा मुक्ति केंद्र से भी आपको इस बारे में सफलता नहीं मिली है। तो निराश न हों संत रामपाल जी महाराज से उपदेश लेकर आप इ...

Valentine Day

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वेलेंटाइन डे कहते हैं जीवन में प्यार होना बहुत जरूरी है प्यार के बिना हमारा जीवन अधूरा सा रहता है प्यार से हमारे जीवन में आनंद और जीने की चाहत बनी रहती है जीवन में प्रेम होने से व्यक्ति हमेशा आनंदित महसूस करता है जहां दोस्ती होगी वहां वहां जरूर मिलेगा।   कैसे हुई वैलेंटाइन डे की शुरुआत कहते हैं बहुत समय पहले ईसाईयों का एक राजा हुआ करता था तो उसने अपने राज्य में सैनिकों का विवाह की मनाही कर रखी थी उसका मानना था कि विवाहित सैनिकों की तुलना में अविवाहित सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अधिक सक्रिय हो सकते हैं यह सोचकर उसने विवाह पर पाबंदी लगा दी उस राज्य में एक वेलेंटाइन नाम के एक पादरी रहते थे उन्होंने चोरी-छिपे सैनिकों का विवाह करवाने लगे जब राजा को पता चला तो उन्होंने 14 फरवरी के दिन ही वेलेंटाइन को फांसी दे दी लोग इसे काले दिवस के रूप में मनाने लगे  लोग इस दिन को भूले नहीं इसलिए 14 फरवरी को वेलेंटाइन के नाम से वेलेंटाइन डे हर साल मनाया जाने लगा उसकी याद को ताजा रखने के लिए लोग chocolate teddy और अन्य उपहार देकर मनाते हैं वैलेंटाइन डे   वर्तमान में वैलेंटाइन डे वेलेंट...

शिक्षा वरदान या अभिशाप

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शिक्षा वरदान या अभिशाप शिक्षा अर्थात हमारा पढ़ा लिखा होना हमें अक्षर ज्ञान होना अब जो हमें यह शिक्षा मिली है इसके क्या लाभ है और क्या हानियां हैं इसी पर आज हम जानेंगे ये मनुष्य के लिए वरदान है या अभिशाप है जैसा कि हम वर्तमान समय में देख रहे हैं बच्चे से लेकर बूढ़े तक सब शिक्षित हो रहे हैं बुड्ढों में जो कोई अशिक्षित है तो उसे भी प्रोड शिक्षा द्वारा शिक्षित किया जा रहा है अब जो हम सब लोग इतने पड़ गए हैं इसका क्या लाभ है? शिक्षा के लाभ  इसका लाभ यह है कि हम सही गलत की पहचान कर सकते हैं सच और झूठ आसानी से पहचान सकते हैं किसी भी कार्य को आसानी से समझ कर उसे सही ढंग से निपटा सकते हैं और शिक्षा का एक लाभ यह भी है कि हम अंधविश्वास से दूर हो गए हैं किसी पर भी हम अंधाधुन विश्वास नहीं कर सकते हम उसे जांच कर समझ कर उस पर विश्वास करते हैं शिक्षा में हमारा अंधविश्वास दूर कर दिया है प्राचीन काल में जब शिक्षा नहीं थी तब क्या होता था कि लोग किसी भी दंतकथा पर आसानी से विश्वास कर लेते थे बिना सोचे समझे किसी के भी झांसे में आ जाते थे लेकिन वर्तमान समय में सब समझदार हो गए हैं कोई भी निर...

बॉलीवुड के दुष्प्रभाव

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बॉलीवुड के दुष्प्रभाव  बॉलीवुड आज हम इसे एक महत्वपूर्ण मनोरंजन का साधन के रूप में मानते है बॉलीवुड का नाम आते ही हमारे दिमाग की सुई फिल्मों की तरफ से जाती है उन अभिनेता और अभिनेत्रियों की तरफ से जाती है जो हमारे पसंदीदा है और जिन्हें हम फिल्मों में देखते है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है  बॉलीवुड की क्या हानियां हैं या हम यूं कहें कि जो फिल्मे बन रही है उनसे हमारे हमारे परिवार को,समाज को, हमारे विश्व को क्या हानियां हो रही ? चलिए आज हम इन्हीं हानियों पर कुछ चर्चा करते हैं सबसे पहले हम देखते हैं कि जो हमारे समाज में शराब धूम्रपान आदि नशा करने का जो दौर चला है वह फिल्मों के कारण ही चला है हमारे घर में हमारे समाज में आज जो हमारे बच्चे फिल्में देखकर सीखते हैं शराब पीना धूम्रपान करना आदि यह सभी फिल्मों की ही देन है फिल्मों के कारण है हमारे समाज में यह सभी बुराइयां घर करती जा रही हैं नशे के कारण आज परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे हैं एक व्यक्ति जो शराब पीता है घर पर आकर अपने बीवी बच्चों को पीटता है फिर वह स्त्री अपने बच्चों समेत आत्महत्या कर लेती है तो पूरे परिवार का विनाश हो जाता ह...